Tuesday, June 30, 2015

हमेशा यूँही महकती रहिये (kavita)

हमेशा यूँही महकती रहिये
हमेशा यूँही चहकती रहिये
हमें मिलिये
या न मिलिये
क्यूँकी ये तो कोई जरूरी बात नहीं
पर मौसमों  से
हवाओं से
बहारों  से
फूलों  से
जरूर मिलती रहिएगा
गोया उन्हें आपका साथ चाहिए ही चाहिए
जीने के लिए
सारी कायनात को जीवन देने के लिए।

#love #प्यार
Writer- Manoj Gupta , manojgupta0707.blogspot.com

Saturday, June 6, 2015

लो फिर एक नयी सुबह हुयी


लो फिर एक नयी सुबह हुयी
और पंछी उड़ चला
फिरसे एक नयी उड़ान पे
पंख कुछ घायल से है
मन कुछ उदास सा
और तन कुछ थका-थका सा भी
पर उड़ना तो है
उड़ना ही तो जीवन है
दूर क्षितिज में
आसमान से आगे जाना है
कही छाँव मिले तो ठीक
वर्ना धूप में ही सही
जीवन संगीत
तो गुनगुनाना है

लो फिर एक नयी सुबह हुयी
और पंछी उड़ चला।

#उड़ान #पंछी

Writer- Manoj Gupta , manojgupta0707.blogspot.com


किसी ने

किसी ने दिल को इस कदर तोड़ दिया है
हमने भी अब गम से नाता जोड़ लिया है  

अब तो सजा और न दे

अब तो सजा और न दे
के जिगर-इ-खून ख़त्म होने को है
तेरा दीदार होता था
तो मेरी ईद होती थी.
--मन--

यु तो तुम हो

यु तो तुम हो
किसी हसीं चाँद की माफिक
बस मेरे ही लिए
अक्सर बादलो में छुपे-छुपे से.
--मन--

तूने तो वो भी सुना

मै चुपचाप रहा
और ग़लतफ़हमी बढ़ती गयी
तूने तो वो भी सुना
जो मैंने कभी कहा ही नहीं.
--मन--

एक "बुरा" शब्द मेरा


एक "बुरा" शब्द मेरा
याद इस कदर तुझको
कभी इसी शिद्दत से तूने 
दिल भी मेरा पढ़ा होता

वो जो तमाम खतों-किताब
लिखे थे तेरे सजदे में कभी
क्या उनका कुछ भी याद नहीं
कुछ तो रहम गढ़ा होता

दिल चीर पाता तो क्या बात थी
दिखा पाता , दिल में क्या है मेरे
पढ़ ना पायी ,तो देख तो पाती
तेरे बिना ,दिल ये रुका पड़ा होता

एक "बुरा" शब्द मेरा
याद इस कदर तुझको
कभी इसी शिद्दत से तूने 
दिल भी मेरा पढ़ा होता।