जब तक जीवन है
पक्षी स्व्छंद उड़ेगा , गायेगा
भँवरा रस चूसेगा , गुनगुनाएगा
क्यों रोकें बावरे दिल को
दिल की बात कहने से
जब तक दिल धड़क रहा है
धड़क रहा है
हम चाहें या ना चाहें
एक दिन ये रुक जाएगा
जब तक जीवन है
पक्षी स्व्छंद उड़ेगा , गायेगा
भँवरा रस चूसेगा , गुनगुनाएगा "
( लेखक - मनोज गुप्ता )
#man0707
manojgupta0707.blogspot.com

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