" हाँ , मैं भी डरता हूँ
मैं डरता हूँ की कहीं
उनको , जिनके लिए मैं डर रहा हूँ
ये पता ना चल जाए की ,
मैं डर गया हूँ
डर जाने का ये सुख पुरुष को कहाँ ?
तो मैं डरता तो हूँ
पर मैं डरता नहीं हूँ
क्योंकि पुरुष होकर मैं ये स्वीकार नहीं कर पाता
मैं अक्सर डरा हुआ रहता हूँ
और यही मेरे पुरुष होने की अभिशप्तता है "
( मनोज गुप्ता )
#man0707 manojgupta0707.blogspot.com

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